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Showing posts from February, 2026

कोणार्क मंदिर एक रहस्य

  नियुक्ति की गई विशेषज्ञों की टीम और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के हालिया प्रयासों के अनुसार, ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर के गर्भगृह (Jagamohana) को लेकर एक ऐतिहासिक प्रक्रिया चल रही है। ​इस खबर की विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है: ​ 1. रेत निकालने की ऐतिहासिक प्रक्रिया: कोणार्क मंदिर के मुख्य मंडप (जगमोहन) को सुरक्षित रखने के लिए अंग्रेजों ने 1903 में इसे पूरी तरह से रेत से भर दिया था और सभी द्वारों को सील कर दिया था। पिछले 119 वर्षों से यह हिस्सा बंद था। अब ASI इस रेत को बाहर निकालने की दिशा में काम कर रहा है ताकि मंदिर की आंतरिक संरचना का निरीक्षण किया जा सके। ​ 2. संरक्षण अभियान और अध्ययन: ​ वैज्ञानिक जांच: CBRI (सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट), रुड़की के वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक तकनीकों जैसे 'ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार' (GPR) और 'लेजर स्कैनिंग' का उपयोग करके अध्ययन किया है। ​ सुरक्षा का आकलन: विशेषज्ञों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेत निकालने से मंदिर की बाहरी दीवारों या ढांचे पर कोई बुरा असर न पड़े। ​ 3. क्यों भरी गई...

इरान और अमेरिका के बीच इस समय तनाव (tension) अपने चरम पर है। फरवरी 2026 की ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनो ं देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। यहा ँ इस पूरे मामले की मुख्य जानकारी दी गई ह

 1. सैन्य तैनाती और युद्ध की आशंका अमेरिकी तैयारी: अमेरिका ने मध्य पूर्व (Middle East) में अपने दो सबसे शक्तिशाली विमानवाहक पोत (aircraft carriers), USS Abraham Lincoln और USS Gerald Ford , तैनात कर दिए हैं। इसके साथ ही हज़ारों सैनिक और एडवांस फाइटर जेट्स भी इलाके में मौजूद हैं। इरान का रुख: इरान ने भी अपनी मिसाइल यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसैनिक अभ्यास (military drills) शुरू कर दिया है। इरान ने धमकी दी है कि अगर हमला हुआ, तो वह दुनिया के तेल व्यापार का यह सबसे महत्वपूर्ण रास्ता बंद कर देगा। 2. परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर विवाद जेनेवा वार्ता (Geneva Talks): 17 फरवरी 2026 को जेनेवा में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत हुई थी, जो बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। मुख्य असहमति: अमेरिका चाहता है कि इरान अपना यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) पूरी तरह बंद करे, जबकि इरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह इसे बंद नहीं करेगा। 3. आर्थिक प्रतिबंध और आंतरिक स्थिति कड़े प्रतिबंध: अमेरिका ने इरान के ...

राष्ट्रीय अंतर राष्ट्रीय समाचार

  राष्ट्रीय समाचार (National News) ​ इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इस समिट का उद्घाटन किया। उन्होंने एआई के लिए 'MANAV' विजन पेश किया, जिसका उद्देश्य तकनीक को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़ना है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी इसमें शिरकत की। ​ राज्यसभा चुनाव की घोषणा: चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की खाली सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव कराने का ऐलान किया है। ​ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। ​ अंतरराष्ट्रीय समाचार (International News) ​ जापान में नई सरकार: सानाए ताकाइची को फिर से जापान का प्रधानमंत्री चुना गया है, जिससे वहां की राजनीति में स्थिरता की उम्मीद जगी है। ​ ईरान-अमेरिका तनाव: परमाणु वार्ता के बीच ईरान ने अमेरिकी नौसेना को चेतावनी दी है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ​ खनिज समझौता: अमेरिका और उज्बेकिस्तान ने 'क्रिटिकल मिनरल्स पैक्ट' पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भविष...

आज का घटना कर्म

  🇮🇳राष्ट्रीय और सरकारी नीतियां इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में इस समिट का उद्घाटन करेंगे। इसकी थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" (सबका कल्याण, सबकी खुशी) रखी गई है। दिल्ली डिक्लेरेशन (Delhi Declaration): समिट में एआई गवर्नेंस के लिए 'दिल्ली डिक्लेरेशन' को औपचारिक रूप से अपनाया गया है। यह "AI Extractivism" (विकासशील देशों के डेटा का शोषण) को रोकने और Sovereign AI (संप्रभु एआई) क्षमताओं को विकसित करने पर जोर देता है। 7 सूत्रीय (Sutras) AI फ्रेमवर्क: भारत सरकार ने AI गवर्नेंस के लिए सात मुख्य सिद्धांत (Sutras) जारी किए हैं: विश्वास, मानव गरिमा, नवाचार, निष्पक्षता, जवाबदेही, पारदर्शिता और स्थिरता। NHAI की 'Bee Corridor' पहल: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 'परागण गलियारे' (Pollinator/Bee Corridors) विकसित करने के लिए एक पारिस्थितिक पहल शुरू की है। इसके तहत 40 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। ⚖️ कानून और अधिकार मासिक धर्म स्वास्थ्य (MHH) अब मौलिक अधिक...
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, अमेरिका ने पश्चिम एशिया (Middle East) में अपनी सैन्य पकड़ काफी मजबूत कर ली है। अमेरिका का कहना है कि ये तैयारियां किसी भी बड़े हमले को रोकने (deterrence) और अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए हैं। ​अमेरिका की मुख्य तैयारियां इस प्रकार हैं: ​1. सैन्य तैनाती (Military Buildup) ​ विमान वाहक पोत (Aircraft Carriers): अमेरिका ने क्षेत्र में अपने सबसे शक्तिशाली युद्धपोत जैसे USS Abraham Lincoln और USS Theodore Roosevelt को तैनात किया है। इन पर दर्जनों लड़ाकू विमान हमेशा हमले के लिए तैयार रहते हैं। ​ लड़ाकू विमान (Fighter Jets): F-22 रैप्टर, F-15E और F-16 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को कतर, यूएई और जॉर्डन के सैन्य ठिकानों पर अलर्ट पर रखा गया है। ​ पनडुब्बी (Submarine): परमाणु ऊर्जा से चलने वाली USS Georgia पनडुब्बी, जो टोमहॉक (Tomahawk) मिसाइलों से लैस है, उसे भी इस क्षेत्र में भेजा गया है। ​2. मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Defense Shield) ​ THAAD और Patriot : अमेरिका ने ईरान की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के लिए THAAD (Terminal High ...