इरान और अमेरिका के बीच इस समय तनाव (tension) अपने चरम पर है। फरवरी 2026 की ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनो ं देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। यहा ँ इस पूरे मामले की मुख्य जानकारी दी गई ह
1. सैन्य तैनाती और युद्ध की आशंका
अमेरिकी तैयारी: अमेरिका ने मध्य पूर्व (Middle East) में अपने दो सबसे शक्तिशाली विमानवाहक पोत (aircraft carriers), USS Abraham Lincoln और USS Gerald Ford, तैनात कर दिए हैं। इसके साथ ही हज़ारों सैनिक और एडवांस फाइटर जेट्स भी इलाके में मौजूद हैं।
इरान का रुख: इरान ने भी अपनी मिसाइल यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसैनिक अभ्यास (military drills) शुरू कर दिया है। इरान ने धमकी दी है कि अगर हमला हुआ, तो वह दुनिया के तेल व्यापार का यह सबसे महत्वपूर्ण रास्ता बंद कर देगा।
2. परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर विवाद
जेनेवा वार्ता (Geneva Talks): 17 फरवरी 2026 को जेनेवा में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत हुई थी, जो बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई।
मुख्य असहमति: अमेरिका चाहता है कि इरान अपना यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) पूरी तरह बंद करे, जबकि इरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह इसे बंद नहीं करेगा।
3. आर्थिक प्रतिबंध और आंतरिक स्थिति
कड़े प्रतिबंध: अमेरिका ने इरान के तेल और बैंकिंग सेक्टर पर नए और कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिससे इरान की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
इरान में विरोध प्रदर्शन: इरान के अंदर भी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिका ने इन प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है, जिससे इरानी सरकार और भी नाराज़ है।
पहलू वर्तमान स्थिति
सैन्य (Military) अमेरिका के 2 एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात; इरान की मिसाइलें अलर्ट पर।
कूटनीति (Diplomacy) जेनेवा में हुई बातचीत असफल रही; समझौते की गुंजाइश कम।
मुख्य विवाद इरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलें।
आर्थिक (Economic) इरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण महंगाई और तेल निर्यात में गिरावट।
नोट: स्थिति बहुत तेज़ी से बदल रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने "अंतिम चेतावनी" दी है, जबकि इरान ने झुकने से मना कर दिया है।
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